स्थानीय निवासियों का आरोप है कि उन्होंने कई बार नगर पालिका में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। सफाई व्यवस्था केवल औपचारिकता बनकर रह गई है, जहां हफ्ते या महीने में एक बार सफाई कर दी जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों में स्थिति फिर वैसी ही हो जाती है।
स्थिति और भी गंभीर तब हो जाती है जब यह गंदगी मंदिर और सार्वजनिक स्थलों के पास देखी जाती है, जहां रोजाना लोगों का आना-जाना लगा रहता है। नागरिकों का कहना है कि इस तरह की बदहाल व्यवस्था से बीमारी फैलने का खतरा भी बढ़ गया है।



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