कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रियंका दीदी ने बच्चों को कर्मों की गहन गति का सरल एवं रोचक तरीके से ज्ञान कराया। उन्होंने कर्म और भाग्य के संबंध को समझाते हुए कहा कि मनुष्य जैसा कर्म करता है, वैसा ही फल उसे प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि कर्म केवल कार्यों से ही नहीं, बल्कि विचारों से भी बनते हैं और यही आगे चलकर हमारे भाग्य का निर्माण करते हैं।
प्रियंका दीदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति आम का बीज बोता है तो उसे आम का ही फल मिलेगा। उसी प्रकार अच्छे कर्म सुखद परिणाम देते हैं, जबकि गलत कर्म दुख का कारण बनते हैं। उन्होंने बच्चों को सत्कर्म करने और सकारात्मक सोच रखने की प्रेरणा दी।
दूसरे सत्र में बच्चों के लिए “मास्टर शेफ” ग्रुप प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता की खास बात यह रही कि बच्चों को बिना आग के यानी फायरलेस कुकिंग करनी थी और साथ ही एक विशेष ड्रिंक भी तैयार करनी थी।
बच्चों ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ आकर्षक एवं स्वादिष्ट व्यंजन तैयार किए। प्रतियोगिता में ओरेओ ट्रफल्स, कर्ड सैंडविच, सालसा, भेल, ककड़ी पंच और लेज़ चाट जैसे व्यंजन बनाए गए। वहीं ड्रिंक्स में लेमन मोजिटो, लस्सी, पनाक्कम और कोल्ड कॉफी जैसी विशेष पेय पदार्थ प्रस्तुत किए गए।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन करने के लिए विशेष रूप से “यू एंड मी कैफे” के संचालक भ्राता उमेश धुरंधर उपस्थित रहे। उन्होंने बच्चों द्वारा तैयार सभी डिश का स्वाद चखा और उनकी प्रस्तुति, स्वाद तथा रचनात्मकता के आधार पर अंक दिए।



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