तिल्दा-नेवरा।
जिस उम्र में बच्चे खिलौनों से खेलते हैं और माता-पिता की गोद में अपना समय बिताते हैं, उस छोटी सी उम्र में तिल्दा-नेवरा के नन्हे कियांश ने पर्यावरण के प्रति अपनी विशेष संवेदनशीलता और प्रेम का परिचय दिया है।
5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर भीषण गर्मी के बीच कियांश ने पौधों को पानी देकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। तेज धूप और गर्मी की परवाह किए बिना वह पौधों की देखभाल में जुटा रहा। उसकी इस पहल ने यह साबित कर दिया कि प्रकृति के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना उम्र की मोहताज नहीं होती।
नन्हे कियांश का यह प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायक है। यदि बच्चे बचपन से ही पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक होंगे, तो आने वाली पीढ़ियां एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित वातावरण का निर्माण कर सकेंगी।
संदेश:
"एक पौधा लगाएं, उसकी देखभाल करें और धरती को हरा-भरा बनाने में अपना योगदान दें।"
विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।



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