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तिल्दा-नेवरा में ड्रोन सर्वे से संपत्तिकर निर्धारण, भवनों पर लगे QR कोड प्लेट , भिन्नता की शिकायतों पर कॉलोनी क्षेत्रों में लगाए जाएंगे विशेष शिविर

तिल्दा-नेवरा, 12 मई 2026।

 नगर पालिका परिषद तिल्दा-नेवरा द्वारा शहर के सभी भवनों का संपत्तिकर निर्धारण आधुनिक तकनीक के जरिए ड्रोन सर्वे से कराया गया था। राज्य शासन के निर्देश पर वर्ष 2025 में हुए इस सर्वे के आधार पर भवनों पर नए सिरे से संपत्तिकर निर्धारित किया गया और प्रत्येक संपत्ति पर QR कोड युक्त प्लेट भी लगाए गए हैं।

हालांकि सर्वे के एक वर्ष बाद भी कई भवनों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के क्षेत्रफल एवं कर निर्धारण में भिन्नता की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। वहीं विकसित कॉलोनियों में बड़ी संख्या में ऐसे भवन भी हैं जिनका आज तक नगर पालिका में संपत्तिकर निर्धारण नहीं हो पाया है।

छत्तीसगढ़ शासन के निर्देशानुसार अब सभी नगरीय निकायों में संपत्तिकर निर्धारण और भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से की जा रही है। इसके तहत संपत्तियों के क्षेत्रफल और कर संबंधी रिकॉर्ड का डिजिटाइजेशन भी किया जा रहा है।

मुख्य नगर पालिका अधिकारी डॉ. अमिताभ शर्मा ने कहा कि ड्रोन सर्वे के जरिए कर निर्धारण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाई गई है, लेकिन यदि किसी नागरिक को अपने भवन के क्षेत्रफल या कर निर्धारण में त्रुटि प्रतीत होती है तो वे नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर अपने रिकॉर्ड की जांच करा सकते हैं।

 उन्होंने बताया कि जिन कॉलोनी क्षेत्रों में अब तक कर निर्धारण नहीं हुआ है, वहां नगर पालिका विशेष शिविर आयोजित करेगी ताकि सभी भवनों का रिकॉर्ड अपडेट किया जा सके।

डॉ. शर्मा ने नागरिकों से समय रहते रिकॉर्ड दुरुस्त कराने की अपील करते हुए कहा कि शासन की मंशा सभी प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने की है और इसमें नागरिकों का सहयोग बेहद आवश्यक है।

वहीं पार्षद रानी सौरभ जैन ने कहा कि संपत्तिकर नगर विकास की आधारशिला है। ड्रोन सर्वे के बाद कुछ स्थानों से विसंगतियों की शिकायतें सामने आई हैं, इसलिए सभी भवन स्वामियों को शिविर में पहुंचकर अपने भवन की सही जानकारी दर्ज करानी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से नई कॉलोनियों के रहवासियों से अपना पंजीयन कराने की अपील की।

नगर पालिका द्वारा जल्द ही कॉलोनी क्षेत्रों में विशेष शिविरों की तिथियां घोषित की जाएंगी। नागरिकों से अपील की गई है कि वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ शिविर स्थल पर उपस्थित होकर अपने भवनों की जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि डिजिटल रिकॉर्ड समय पर अपडेट किया जा सके।

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