महोत्सव की शुरुआत ब्रह्म मुहूर्त में वेद मंत्रों के साथ भगवान श्री शनिदेव महाराज के विधि-विधानपूर्वक अभिषेक से हुई। इसके पश्चात देव आराधना एवं लोककल्याण की कामना के लिए शांति हवन का आयोजन किया गया। मंदिर में दिनभर भक्तों का आना-जाना लगा रहा और श्रद्धालुओं ने बाबा शनिदेव के समक्ष अपने तथा अपने परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की।
शनिमंदिर पुजारी प्रकाश जोशी ने बताया कि भगवान श्री शनिदेव महाराज की आराधना का विशेष महत्व है। श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि को विभिन्न स्थानों पर शनिदेव महोत्सव श्रद्धा एवं भक्ति के साथ मनाया जाता है। इस अवसर पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना, अभिषेक, भजन-कीर्तन और धार्मिक आयोजन कर भगवान शनिदेव की आराधना की जाती है।
महोत्सव के दौरान भक्तों के सहयोग से दोपहर 3:30 बजे से भंडारा प्रसादी का आयोजन किया गया, जो देर रात्रि तक चला। बड़ी संख्या में भक्तों द्वारा सभी श्रद्धालुओं को भंडारा प्रसादी वितरण किया गया ।
वहीं, शाम 7 बजे से हिंदी म्यूजिकल टीम ग्रुप द्वारा भगवान शनिदेव महाराज के भजनों की अमृतवर्षा शुरू हुई। भक्तिमय भजनों से मंदिर परिसर गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति में झूमते नजर आए। पूरे वातावरण में आध्यात्मिक एवं भक्तिमय माहौल बना रहा।



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