Jan Jagriti JAN JAGRITI


 

Ticker

9/recent/ticker-posts

फर्जी चेक बनाकर बदनाम करने का आरोप, सरपंच पहुंचीं थाने; दिलीप यादव पर एफआईआर की मांग

हथबंद। ग्राम पंचायत हथबंद की सरपंच दालेश्वरी नरेश अनंत ने ग्राम निवासी दिलीप कुमार यादव के खिलाफ थाना हथबंद में शिकायत आवेदन सौंपा है। सरपंच ने आरोप लगाया है कि उनके और पंचायत सचिव के हस्ताक्षरों की कथित नकल कर ₹50 हजार का फर्जी चेक तैयार किया गया तथा उससे संबंधित भ्रामक जानकारी सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्रसारित कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया गया।

सरपंच द्वारा पुलिस को दिए गए आवेदन के अनुसार, कथित रूप से जिला सहकारी बैंक, हथबंद के नाम से ₹50,000 का एक चेक तैयार किया गया, जिस पर सरपंच एवं पंचायत सचिव के हस्ताक्षर होने का आरोप लगाया गया है। सरपंच का कहना है कि उक्त चेक और उससे जुड़ी जानकारी वास्तविक नहीं है और इसके माध्यम से शासन-प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया गया।

सोशल मीडिया पर प्रचार-प्रसार से प्रतिष्ठा को नुकसान का आरोप
शिकायत में सरपंच ने आरोप लगाया है कि कथित फर्जी दस्तावेज को आधार बनाकर सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से उनके खिलाफ प्रचार-प्रसार किया गया। उनका कहना है कि इससे उनकी व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के साथ-साथ ग्राम पंचायत की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है।
सरपंच के मुताबिक, इस मामले से संबंधित शिकायतों के आधार पर विभागीय स्तर पर जांच समिति का गठन भी किया गया। उन्होंने पुलिस को दिए आवेदन में दावा किया है कि कलेक्टर के समक्ष प्रस्तुत किए गए दस्तावेज कथित रूप से कूटरचित और भ्रामक हैं।

₹50 हजार मांगने का भी लगाया आरोप
शिकायत आवेदन में सरपंच ने यह भी आरोप लगाया है कि उनसे ₹50,000 की राशि की मांग की गई थी। उनका दावा है कि राशि नहीं देने पर कथित रूप से उनके खिलाफ फर्जी दस्तावेज तैयार कर विभिन्न स्तरों पर शिकायतें की गईं। सरपंच ने इसे उनकी सामाजिक एवं राजनीतिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास बताया है।

निष्पक्ष जांच और एफआईआर की मांग
सरपंच दालेश्वरी नरेश अनंत ने थाना हथबंद पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कूटरचना, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, शासन-प्रशासन को गुमराह करने तथा अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

पुलिस जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले में आरोपी पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। आरोपी पक्ष का बयान प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्षता के साथ प्रकाशित किया जाएगा।

Post a Comment

0 Comments