कथा के दौरान व्यास जी ने देवी के कल्कि अवतार और शक्ति के महात्म्य का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब-जब धर्म की हानि होती है और अधर्म बढ़ता है, तब ईश्वर अवतार लेकर धर्म की स्थापना का संदेश देते हैं। कलियुग में बढ़ते अधर्म और अत्याचार के संदर्भ में कल्कि अवतार की कथा का भी विस्तार से वर्णन किया गया।
व्यास जी ने श्रीमद् देवी भागवत पुराण की महिमा बताते हुए कहा कि इसके श्रवण से मनुष्य को आध्यात्मिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है। कथा प्रसंगों के दौरान श्रद्धालु भावविभोर नजर आए। इस अवसर पर मां भगवती की मनोहारी झांकी भी प्रस्तुत की गई, जिसने उपस्थित भक्तों का मन मोह लिया।
आयोजन स्थल पर प्रतिदिन सुबह कलश पूजन तथा शाम को आरती का आयोजन किया जा रहा है। कथा का आयोजन प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक हो रहा है। कथा में महिलाओं और बुजुर्गों की विशेष सहभागिता देखने को मिल रही है।



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