विद्यालय स्तर पर स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया, सेना का शौर्य, नया कश्मीर, नक्सली मुक्त भारत, अधोसंरचना विकास एवं विकसित छत्तीसगढ़, मैन्युफैक्चरिंग पावर, कृषि एवं फूड प्रोसेसिंग, टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन, गति शक्ति, रक्षा शक्ति, ग्रीन एवं ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की सॉफ्ट पावर जैसे विषयों पर लगभग 250 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
323 दीपों से हुआ ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम
अभियान के तहत 17 सितंबर को शाम 7 बजे विद्यालय परिसर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर लगभग 323 दीप प्रज्वलित कर आशीर्वाद एवं संकल्प समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में तिल्दा-नेवरा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी अमिताभ शर्मा, शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, सांसद प्रतिनिधि अनिल अग्रवाल, बूथ प्रभारी दिलहरण निषाद एवं मनोज साहू सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान चयनित 21 सर्वश्रेष्ठ चित्रकलाओं, दो रंगोलियों तथा चार विद्यार्थियों द्वारा भाषण वाचन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वार्ड पार्षद रानी सौरभ जैन, एसएमडीसी अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा, डॉ. लक्ष्मण साहू, दिलहरण निषाद, मनोज साहू, आनंद शर्मा, अमित अग्रवाल, सागर पंजवानी, आशीष शर्मा, सौरभ जैन सहित विद्यार्थियों के पालकगण भी उपस्थित रहे।
विकसित भारत 2047 का लिया संकल्प
कार्यक्रम के दौरान एसएमडीसी अध्यक्ष नरेंद्र शर्मा ने शाला समिति की बैठक भी ली। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी को मिलकर विकसित भारत 2047 के संकल्प को आगे बढ़ाना चाहिए। विद्यार्थियों के माध्यम से विकसित भारत के सपने और संकल्प को परिवार तथा समाज तक पहुंचाने का आह्वान किया गया।
वार्ड पार्षद रानी सौरभ जैन ने कहा कि केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी विद्यार्थियों के माध्यम से उनके परिवार और प्रत्येक नागरिक तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने लोगों से शासन की योजनाओं का लाभ लेने के लिए जागरूक होने की बात कही।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. राजेश चंदानी ने प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों, पालकों तथा शिक्षक-शिक्षिकाओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों के माध्यम से शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास के संदेश को समाज के अंतिम छोर तक पहुंचाने में विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
कार्यक्रम के अंत में समिति सदस्यों एवं पालकों द्वारा चित्रकला, भाषण एवं रंगोली प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए प्रतिभागियों का चयन किया गया। पूरे आयोजन में विद्यार्थियों एवं विद्यालय परिवार का उत्साह देखने को मिला।



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