धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि सिमगा–सुहेला–बलौदाबाजार मार्ग पिछले लगभग दो वर्षों से बदहाल स्थिति में है। सड़क पर बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण रोजाना राहगीरों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भर जाने से दुर्घटनाओं की आशंका और अधिक बढ़ गई है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्रकांत यदु ने कहा कि सड़क निर्माण का कार्यादेश जारी हुए चार महीने बीत चुके हैं, लेकिन निर्माण एजेंसी ने अब तक काम शुरू नहीं किया है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए मांग की कि यदि संबंधित एजेंसी समय पर कार्य प्रारंभ करने में सक्षम नहीं है तो उसका ठेका तत्काल निरस्त कर किसी अन्य सक्षम एजेंसी को दिया जाए।
उन्होंने लोक निर्माण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विभाग ठेकेदार से समय पर कार्य प्रारंभ नहीं करा पाया। बरसात से पहले निर्माण कार्य शुरू नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। उन्होंने कार्यपालन अभियंता पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की तथा कहा कि केवल पैचवर्क से समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं है। क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण और टिकाऊ सड़क निर्माण चाहिए।
धरना स्थल पर पहुंचे तहसीलदार किशोर कुमार वर्मा, थाना प्रभारी प्रमोद सिंह तथा लोक निर्माण विभाग के सब इंजीनियर विश्वनाथ कुर्रे ने आंदोलनकारियों से चर्चा कर उनकी मांगों को सुना। तहसीलदार ने बताया कि प्रशासन सड़क की स्थिति से पूरी तरह अवगत है और कलेक्टर के निर्देश पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश के कारण फिलहाल डामरीकरण तकनीकी रूप से संभव नहीं है। मौसम अनुकूल होते ही 15 अक्टूबर के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा। तब तक गड्ढों की नियमित मरम्मत एवं पैचवर्क कराया जाएगा।
सब इंजीनियर विश्वनाथ कुर्रे ने भी आश्वासन दिया कि जहां-जहां सड़क पर गड्ढे बन रहे हैं, वहां तत्काल मरम्मत कराई जा रही है तथा बारिश समाप्त होने के बाद स्वीकृत योजना के अनुसार निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा।
प्रशासन के आश्वासन के बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के पदाधिकारियों ने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत, निर्माण कार्य में हुई देरी की निष्पक्ष जांच तथा निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण सड़क निर्माण सुनिश्चित करने की मांग की। इसके बाद प्रस्तावित चक्का जाम को फिलहाल स्थगित कर दिया गया।
धरना-प्रदर्शन में छत्तीसगढ़ क्रांति सेना एवं जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र यादव, संगठन मंत्री विनोद वर्मा, जिला सचिव शीतल वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष संतु यादव, चोवाराम वर्मा, लेखराम वर्मा, परस वर्मा, परस पाल सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, कार्यकर्ता, महिलाएं और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
मुख्य बिंदु
दो वर्षों से जर्जर है सिमगा–सुहेला–बलौदाबाजार मार्ग।
सड़क की बदहाली और दुर्घटनाओं के विरोध में हुआ धरना।
चक्का जाम की घोषणा प्रशासन के आश्वासन के बाद स्थगित।
कलेक्टर के नाम सौंपा गया ज्ञापन।
15 अक्टूबर के बाद सड़क निर्माण शुरू कराने का प्रशासन का आश्वासन।
तब तक गड्ढों की मरम्मत और पैचवर्क जारी रखने की बात।



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